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Untitled
10
Artist:Sanket Hatankar
Duration:4:04
Tags:Genre: Bollywood Romantic / Indie Hindi
Mood: Emotional,intimate,dreamy
Tempo: 68 BPM
Key: A Major
Male Indian vocalist,warm tone,expressive phrasing
Instrumentation: piano,acoustic guitar,soft pads,light strings
Structure: Intro – Mukda – Antara – Mukda – Antara – Bridge – Soft Outro
Vocal style inspired by modern Bollywood playback (no imitation)
हो रश्कों की राहें तुम, अश्कों की बाहें तुम, क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम… ज़िंदगी की राहों में, बेहकी निगाहों में, दिल में क्यूँ बजती है धुन, क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम… मुश्किल फ़सानों में, दिल के तराज़ू में, धीरे से उतरते हो तुम, क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम… ओस के मोती जैसी, अपनी मुलाक़ातें, रश्क की पहचान सी, अपनी मीठी बातें… टुकड़ों में बिखरी-सी, हवा की आँचल आती है, तूफ़ानी लहरों में, पल भर में सिमट जाती है, दिन के उजालों में, और गहरी रातों में, हर पल तेरी ही याद, दिल को सहलाती है, ज़ुल्फ़ों भरी इस कहानी की, तस्वीर नई बन जाती है, क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम… हल्की-फुल्की बातों में, ये आशिक़ आ जाते हैं, तन्हाई की हर घड़ी में, ख़ामोशी छा जाती है, परछाईं सी ये कहानी, मंज़िल ढूँढ ही लेती है, रोंगटे खड़े कर जाए, ऐसी आहट आती है, क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम… जिस्म भरी इन राहों में, जब बारूद भर जाता है, वक़्त के पहिए चलते-चलते, पल में उखड़ जाता है, तन्हाई की छवि में बंधा, सदियों का ये नाता है, एहसास की रस्सी में बंधकर, बस सपना रह जाता है, क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम… क्यूँकि तुम…
